Mana Ke hm yaar Nahi || Old Memory || Purani Yaadein || My Office Life..... - Helpless Minority

Mana Ke hm yaar Nahi || Old Memory || Purani Yaadein || My Office Life…..

Mana Ke hm yaar Nahi

माना के हम यार नहीं
लो तय है के प्यार नहीं
माना के हम यार नहीं
लो तय है के प्यार नहीं
फिर भी नज़रें ना तुम मिलाना
दिल का ऐतबार नहीं
माना के हम यार नहीं
रास्ते में जो मिलो, तो हाथ मिलाने रुक जाना
हो, साथ में कोई हो तुम्हारे, दूर से ही तुम मुस्काना
लेकिन मुस्कान हो ऐसी, के जिसमें इकरार नहीं
लेकिन मुस्कान हो ऐसी, के जिसमें इकरार नहीं
नज़रों से ना करना तुम बयाँ
वो जिससे इन्कार नहीं
माना के हम यार नहीं
फूल जो बंद है पन्नो में, तुम उसको धूल बना देना
बातें छिड़ें जो मेरी कहीं, तुम उसको “भूल” बता देना
लेकिन वो भूल हो ऐसी जिससे बेज़ार नहीं
लेकिन वो भूल हो ऐसी जिस से बेज़ार नहीं
तू जो सोए, तो मेरी तरह
एक पल को भी करार नहीं
माना के हम यार नहीं

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